Author: woodenaspira2012@gmail.com

  • दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां फिर लागू: इन गाड़ियों की एंट्री बंद, वर्क फ्रॉम होम भी अनिवार्य

    दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां फिर लागू: इन गाड़ियों की एंट्री बंद, वर्क फ्रॉम होम भी अनिवार्य

    नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026:

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-NCR) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 354 तक पहुँचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP-3 के तहत कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं

    । यह फैसला मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लिया गया है, जिसमें AQI के 400 पार करने और ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँचने की आशंका जताई गई है

    बढते AQI के कारण फिर से लगाया गया है GRAP -3

     

    इन गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह बैन 

     BS-III पेट्रोल वाहन BS-IV डीजल वाहन

    इन वाहनों को दिल्ली की सीमाओं के अंदर आने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ CNG/electric वाहनों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है।

    वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य 

    सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। सिर्फ जरूरी सेवाओं वाले विभागों को पूरी क्षमता से चलने की अनुमति है।

    निर्माण गतिविधियों पर रोक

    सभी नॉन-एसेंशियल निर्माण कार्य बंद। सड़क निर्माण, ड्रिलिंग, तोड़फोड़ और सीमेंट-राख की लोडिंग/अनलोडिंग पर पूरी तरह पाबंदी।

    अन्य प्रमुख पाबंदियां डीजल जनरेटर सेट चलाना मना।

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर पड़ने वाले ढाबों में सिर्फ CNG/electric कुकर इस्तेमाल करने का आदेश

    यह पाबंदियां कब तक? 

    फिलहाल ये पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं और AQI स्तर में सुधार होने तक जारी रहेंगी। पिछली बार 2 जनवरी 2026 को इन्हें हटाया गया था, लेकिन प्रदूषण बढ़ने के कारण फिर से लागू करनी पड़ी हैं

    निष्कर्ष:

    दिल्ली-NCR के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, निजी वाहनों की यात्रा कम करें और वर्क फ्रॉम होम का पालन करें ताकि प्रदूषण स्तर को नियंत्रित किया जा सके।

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  • दिल्ली ट्रैफिक को मिली नई राहत: फेज-4 डबल डेकर कॉरिडोर तैयार, एक पिलर पर दौड़ेगी मेट्रो और फ्लाईओवर

    दिल्ली ट्रैफिक को मिली नई राहत: फेज-4 डबल डेकर कॉरिडोर तैयार, एक पिलर पर दौड़ेगी मेट्रो और फ्लाईओवर

    देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो

    और फ्लाईओवर को अलग-अलग बनाया

    जाता रहा है। लेकिन पहली बार ऐसा

    हुआ है कि दिल्ली मेट्रो के फेज-4 में

    एक ही पिलर पर मेट्रो और दिल्ली

    ट्रैफिक की गाड़ियाँ साथ में दौड़ेंगी।

    दिल्ली मेट्रो के विस्तार में फेज-4 के तहत

    बनने वाली लाइन में तीन डबल डेकर कॉरिडोर

    को बनाया गया है, जो जनता को इस साल

    मिल जाएंगे।

    ये कॉरिडोर दिल्ली की ट्रैफिक सिस्टम के

    फायदेमंद साबित होंगे।

     

    अब तक राजधानी दिल्ली में मेट्रो लाइन और

    फ्लाईओवर को अलग-अलग ढंग से विकसित

    किया जाता रहा है।

    लेकिन पहली बार एक ही पिलर पर ऊपर

    मेट्रो और नीचे फ्लाईओवर तैयार किये गये हैं।

    इसका एक उद्देश्य यह भी है कि दिल्ली

    में बढ़ते ट्रैफिक को कंट्रोल करना। इसके

    जरिये कम जमीन का ज्यादा कुशल तरीके

    से उपयोग होगा।

    इसके प्लान के हिसाब से नीचे सड़क स्तर

    पर बसों और स्थानीय ट्रैफिक के लिये जगह

    बनी रहेगी, और बीच में फ्लाईओवर पर तेज

    रफ्तार वाहनों के लिये और सबसे ऊपर

     

    बिना किसी रुकावट के तीनों संचालन होता

    रहेगा।

    दिल्ली में से सबसे पहले एक ही पिलर पर

    मेट्रो ट्रेन, फ्लाईओवर और नीचे सड़कों पर वाहन

    चलते रहने का नजारा उत्तर-पूर्वी दिल्ली से

    दिखाई देगा।

    मजलिस पार्क – मौजपुर कॉरिडोर पर डबल डेकर

    फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है।

    दक्षिण दिल्ली में भी इसी तरह से कॉरिडोर को

    विकसित किया जा रहा है।

    एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक प्रस्तावित गोल्डन पर

    संगम विहार से अम्बेडकर नगर के बीच का हिस्सा डबल डेकर

    बन रहा है।

     

    जो महरोली बदरपुर

    यह क्षेत्र काफी लंबे समय से भारी

    ट्रैफिक की मार झेलता आ रहा है।

    अब मेट्रो से जुड़ने के बाद और भी

    हो जाएगा। फ्लाईओवर बनने पर जाम से

    राहत मिलेगी, जिससे यात्रा का समय घटेगा

    और सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा

    मिलेगा।

     

  • Suzuki e-Access Electric Scooter लॉन्च, Ola और TVS iQube को देगा टक्कर

    अब भारत में बना इलेक्ट्रिक स्कूटर दुनियां भर में दौड़ेगा Suzuki ने इतनी क़ीमत में लाँच किया e-Access

    सुजुकी कंपनी अब अपने e-Access इलेक्ट्रिक स्कूटर को भारत में बनाएगी और यहां से दुनियां भर के देशों में स्कूटर को एक्सपोर्ट किया जाएगा। भारत में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर का मुकाबला बजाज चेतक और टीवीसी iQube और ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर से होगा।

    Sizuki e-Access Features और Price:

    आखिरकार सुजुकी मोटर इंडिया ने अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर को भारतीय बाज़ार में उतार दिया है।

    इस नए e-Access इलेक्ट्रिक स्कूटर की भारतीय बाज़ार में शुरुआती कीमत 1,88,490 रुपए (एक्स शोरूम) तय की गयी है।

    सुज़ुकी कम्पनी ने अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर लाँच करके भारतीय बाज़ार में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। माना यह जा रहा है कि ये सुजुकी का भारत ही नहीं बल्कि दुनियां में कम्पनी का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर है।

    देशभर में इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है लेकिन डिलिवरी की तारीख की जानकारी कम्पनी की तरफ से साफ नहीं है। कम्पनी ने स्कूटर के साथ अपने ग्राहकों को कई आकर्षक बेनिफिट भी देने का निर्णय लिया है जैसे कि मौजूदा सुजुकी ग्राहकों को कम्पनी स्कूटर पर 10000 रुपए तक की छूट दे रही है जबकि गैर सुज़ुकी ग्राहकों को कम्पनी 7000 रुपए तक की छूट दे रही है।

    इसमें 80000KM तक की और 7 साल तक की वारंटी मुफ्त दी जा रही है। इसके अलावा स्कूटर खरीदारी के 3 साल बाद 60 प्रतिशत तक का बायबैक इंश्योरेंस भी मिलेगा।

    बैटरी की परफोर्मेंस 

    e-Access स्कूटर में 4.1kw की इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है जो 15 NM का टॉर्क जेनरेट करता है।

    कम्पनी का दावा है कि 10 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने पर भी स्कूटर की परफोर्मेंस बनी रहती है। स्कूटर को 0 से 80 प्रतिशत चार्ज होने में 4 घंटा 30 मिनट का समय लगता है जबकि फुल चार्ज होने में 6 घंटा 45 मिनट का टाइम लगता है।

    लेकिन DC फास्ट चार्जर से 80 प्रतिशत चार्ज होने में 1 घंटा 15 मिनट लगते हैं 

    भारत में बनेगा 

    फिलहाल कम्पनी का दावा है कि e-Access का भारत में ही बनाया जाएगा और दूसरे देशों में इसे भारत से एक्सपोर्ट किया जाएगा। स्कूटर की शुरुआती परफॉमेंस को अच्छा बताया जा रहा है लेकिन कीमत के हिसाब से स्कूटर महंगा है सवाल किए जा रहे हैं। e-Access की कीमत अपने सेगमेंट में दूसरे इलेक्ट्रिक स्कूटर से ज्यादा है।

    TVS iQube की कीमत 1.13 लाख से 1.69 लाख रुपए के बीच है जबकि Bajaj Chetak की कीमत 1.10 लाख से 1.43 लाख रुपए के बीच है और OLA Electric की कीमत भी 1.50 लाख के बीच है। अब ऐसे में e-Access की कीमत सुज़ुकी को एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

     

     

  • Air Pollution: दिल्ली-NCR में हर साल विकराल हो रही है प्रदूषण की समस्या, एक्सपर्ट ने बताया क्या है समाधान

    Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में हर साल  क्यों विकराल हो रही है प्रदूषण की समस्या, क्या कहते हैं एक्सपर्ट और इसका समाधान क्या है?

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